एंटिफ्रैजीलिएंट OS: डेली नॉवशिफ्ट ट्रांसमिशन्स

जब असलियत धुंधली पड़ जाती है

Dr Abhimanyou Raathore Season 1 Episode 17

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एपिसोड 6/7 — ट्रॉमा सिम्प्टम्स मिनी सीरीज़
कभी ऐसा लगा है जैसे आप ज़िंदगी को किसी धुंधली खिड़की से देख रहे हों? या फिर समय जैसे अचानक गायब हो गया हो? ये कोई कमजोरी नहीं, बल्कि आपके तंत्रिका तंत्र का संरक्षण तंत्र है।

एंटिफ्रैजीलिएंट OS: डेली नॉवशिफ्ट ट्रांसमिशन्स के इस एपिसोड में, डॉ. अभिमन्यु राठौर बताते हैं कि कैसे ट्रॉमा हमारे देखने, सुनने और महसूस करने के अनुभव को बदल देता है। वे चार प्रमुख संवेदी लक्षणों को सरल भाषा में समझाते हैं:

  • हैलूसिनेशन — ऐसी चीज़ें देखना या सुनना जो असल में नहीं हैं।
  • समय का गायब होना — घंटों या दिनों का बिना याद के निकल जाना।
  • डिपरसनलाइज़ेशन — अपने ही शरीर से अलगाव महसूस होना।
  • डिरेअलाइज़ेशन — आसपास की दुनिया का सपना जैसी लगना।

ये अनुभव जितने भ्रमित करने वाले लगते हैं, उतने ही महत्वपूर्ण भी हैं, क्योंकि ये इशारा करते हैं कि आपके अंदर कुछ ऐसा है जिसे प्यार, समय और उपचार की ज़रूरत है।

यह एपिसोड उन सभी के लिए है जो अपनी वास्तविकता में बदलाव महसूस करते हैं या किसी प्रियजन के साथ यह अनुभव साझा करते हैं। यह जानना ही उपचार की दिशा में पहला कदम है।

📌 अगले और आख़िरी एपिसोड में हम बात करेंगे कि ट्रॉमा हमारे रिश्तों और दूसरों से जुड़ाव की क्षमता को कैसे प्रभावित करता है।

डॉ. अभिमन्यु राठौड़ द्वारा प्रस्तुत पॉडकास्ट
सुनने के लिए धन्यवाद।

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